दिल का दर्द कितनी देर तक रहता है?HealthPlanet

Posted on Mon 5th Dec 2022 : 15:40

अचानक सीने में तेज दर्द क्या हार्ट अटैक है? डॉक्टर से जानें सामान्य और दिल के दर्द में अंतर और लक्षण

Sudden chest pain: देश में जिस तरह से हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं उसमें सामान्य दर्द के प्रति भी लोगों में चिंता होने लगी है. सीने में अचानक आए तेज दर्द और हार्ट अटैक के दर्द के बीच आखिर कैसे फर्क करें यह जानना जरूरी है.
Sudden chest pain is really heart attack: हाल ही में 24 साल की एक बंगाली एक्ट्रेस की मौत हार्ट अटैक (heart attack) से हो गई है. इसके बाद सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए जिनमें किसी की चलते-चलते मौत हो गई तो किसी की मौत जिम में वर्कआउट करते हो गई. कम उम्र में हार्ट अटैक के बढ़ते मामले के कारण पूरे देश में डर का माहौल है. किसी को सीने में हल्का सा दर्द भी हुआ तो लोगों को चिंता हो जाती है. यह बात साफ है कि सीने में सभी तरह के दर्द हार्ट अटैक नहीं हो सकते लेकिन डॉक्टरों की सलाह है कि अगर सीने में दर्द हो तो हर हाल में डॉक्टर से दिखाना चाहिए. ईसीजी से पता चलेगा कि सीने का दर्द हार्ट अटैक या दिल से संबंधित है या नहीं. यह चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि अक्सर देखा गया है कि अचानक सीने में दर्द उठा और मरीज बेहोश होकर गिर गया. कुछ मामलों में मरीज की वहीं मौत हो जाती है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि सीने का कौन सा दर्द हार्ट अटैक का है और कौन सा दर्द एंजाइना का.

कैसे पता करें कि यह हार्ट अटैक का दर्द है
फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग, नई दिल्ली में वरिष्ठ कर्डियोलॉजिस्ट और इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट डॉ नित्यानंद त्रिपाठी कहते हैं, “अगर किसी वजह से सीने में एंजाइना है तो यह बैठने से ठीक हो जाता है, खड़े होने पर या चलने पर यह बढ़ जाता है. इसके अलावा खाना खाके या कोल्ड वेदर में चलने से भी यह दर्द बढ़ जाता है. बैठने से या आराम करने से यह दर्द ठीक हो जाता है लेकिन हार्ट अटैक में लगातार दर्द होता है और यह आधे घंटे से ज्यादा देर तक रह सकता है. कुछ लोगों को जबड़े में दर्द होता है तो कुछ लोगों को हाथ में दर्द होता है. हार्ट अटैक के बाद अलग-अलग लोगों में अलग-अलग तरह के लक्षण दिखते हैं. यहां तक कि कुछ लोगों को पेट के उपरी हिस्से में भी दर्द हो सकता है. उसे ऐसा लगता है कि यह गैस का दर्द है लेकिन हार्ट अटैक वाले दर्द में देर तक दर्द करना सबसे प्रमुख लक्षण है.” डॉ नित्यानंद त्रिपाठी ने बताया कि कुछ लोगों दर्द नहीं भी हो सकता है, उन्हें सांस फूलता है या लगता है कि ब्लॉटिंग यानी पेट में गैस भर गई है. इन स्थितियों में भी हार्ट अटैक आ सकता है. इसलिए किसी भी तरह का दर्द हो उन्हें ईसीजी, कोलेस्ट्रॉल लेवल, टीएमटी कराना चाहिए. अगर ईसीजी से पता नहीं चलता है तो अन्य टेस्ट कराए जाते हैं.

शुगर, बीपी के मरीजों को दिक्कत
जो लोग डायबेटिक हैं, स्मोकर हैं जिनका बीपी बढ़ा हुआ है, उनमें हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है. उनमें ऐसा भी हो सकता है कि एटिपिकल चेस्ट पेन हो. यानी सामान्य दर्द से अलग तरह का दर्द हो. इसमें मरीज को हो सकता है कि बैठे-बैठे दर्द उठ जाए या खाना खाने के बाद थोड़ा दर्द हो. ऐसे लोगों को ईसीजी, इको और टीएमटी कराना चाहिए. इससे पता चलेगा कि हार्ट अटैक हुआ या नहीं या आर्टरी में ब्लॉकेज है तो कितना है. अगर मरीज को हार्ट अटैक हुआ और धीरे-धीरे सही हो गया लेकिन वह डॉक्टर के पास नहीं गया तो बीमारी कम नहीं होती बल्कि उस स्थिति में ऐसे मरीजों में सडेन डेथ की आशंका ज्यादा हो जाती है. यह किसी भी मरीज के साथ हो सकता है. इसलिए छाती में लगातार दर्द होने पर डॉक्टर के पास अवश्य जाना चाहिए.

हार्ट अटैक में अचानक मौत की क्या वजह है
डॉ नित्यानंद त्रिपाठी ने कहा कि हार्ट अटैक में अचानक मौत की सबसे बड़ी वजह एरिथमिया (sudden arrhythmia)हैं. जैसे जिम में किसी की अचानक मौत हो गई, अचानक चलते-चलते मौत हो गई या बैठ हुए ही मौत हो गई तो इन सबका कारण एरिथमिया है. इसमें सडेन डेथ का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. जैसे ही हार्ट अटैक होता है, हार्ट में जाने वाली कोरोनरी आर्टरी ब्लॉक हो जाती है और जहां पर ब्लॉकेज है वह हिस्सा डैमेज हो जाता है. इससे सडेन डेथ का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. डॉ त्रिपाठी ने बताया कि अगर किसी को हार्ट अटैक हुआ हो और इसका पता न चला हो तो इस स्थिति में उसके बचने की संभावना ज्यादा हो सकती है लेकिन कुछ मामलों में अगर हार्ट अटैक का पता नहीं चला. यानी दर्द के बगैर हार्ट अटैक आ गया तो उस स्थिति में सडेन कार्डिएक डेथ का खतरा रहता है. ऐसे लोगों में दो-चार दिन के अंदर ही मौत हो जाती है.

हार्ट अटैक के बाद क्या होता है
जैसे ही हार्ट अटैक होता है, हार्ट में जाने वाली कोरोनरी आर्टरी ब्लॉक हो जाती है. कोरोनरी आर्टरी से ही खून हार्ट में पहुंचता है जहां से खून शुद्ध होकर ऑक्सीजन के साथ पूरे शरीर में पहुंचाया जाता है. इससे हार्ट सही तरह से अपना फंक्शन नहीं कर पाता है. अगर नसों में ब्लॉकेज को नहीं हटाया गया तो हार्ट का वह हिस्सा जहां ब्लड सप्लाई रूका हुआ है, वह डैमेज हो जाता है. इससे हार्ट फेल्योर हो जाता है. अगर इस स्थिति में वीटीवीएफ हुआ तो मरीज में सडेन कार्डिएक अरेस्ट होगा और मरीज की तत्काल मौत हो जाएगी. अगर इस स्थिति में मरीज को अस्पताल लाया जाता है तो डॉक्टर उसे शॉक देते हैं. इसके बाद रिवर्ट करते हैं.

हार्ट अटैक से कैसे बचें
चेस्ट में पेन हो रहा है या आपको पता नहीं है कि क्या हुआ लेकिन सीने में असहजता लगातार महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. डॉक्टर ईसीजी टेस्ट के आधार पर आगे की सलाह देंगे. आमतौर पर हार्ट अटैक के लक्षण पहले से नहीं दिखते हैं लेकिन कुछ लक्षण ऐसे हैं जो हार्ट अटैक का संकेत दे सकते हैं. जैसे-
महत्वपूर्ण लक्षण
गर्दन, जबड़ा, पीठ और बाएं हाथ के नीचे में दर्द होना.
बेचैनी और घबराहट.
सांस फूलना.
चक्कर आना.


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महिला-पुरुष में अलग-अलग लक्षण
ट्विटर पर डॉ दीक्षा श्री बताती हैं कि हार्ट अटैक के सामान्य लक्षण महिला और पुरुष में अलग-अलग हो सकते हैं. पुरुषों की तुलना में महिलाओं को छाती में दर्द का अनुभव कम होता है. इसके बजाय महिलाओं में अन्य तरह के लक्षण देखे गए हैं. अधिकांश महिलाओं में हार्ट अटैक से पहले छाती में दर्द तो नहीं होता लेकिन उसमें बहुत अधिक थकान, बहुत अधिक कमजोरी, मतली और उल्टी, हार्ट बर्न और हाथों से पसीना आने की शिकायत हो सकती है.

हार्ट अटैक से बचना है तो इन चीजों को जीवन से निकालें-
गतिहीन जीवनशैली.
अनहेल्दी डाइट.
स्टेरॉयड का इस्तेमाल.
शराब का सेवन.
मोटापा.
डायबिटीज.
स्मोकिंग.
कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना.
स्टेमिना बूस्ट करने के लिए सप्लीमेंट.
हाई बीपी.

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