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अचानक सीने में तेज दरà¥à¤¦ कà¥à¤¯à¤¾ हारà¥à¤Ÿ अटैक है? डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जानें सामानà¥à¤¯ और दिल के दरà¥à¤¦ में अंतर और लकà¥à¤·à¤£
Sudden chest pain: देश में जिस तरह से हारà¥à¤Ÿ अटैक के मामले बढ़ रहे हैं उसमें सामानà¥à¤¯ दरà¥à¤¦ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¥€ लोगों में चिंता होने लगी है. सीने में अचानक आठतेज दरà¥à¤¦ और हारà¥à¤Ÿ अटैक के दरà¥à¤¦ के बीच आखिर कैसे फरà¥à¤• करें यह जानना जरूरी है.
Sudden chest pain is really heart attack: हाल ही में 24 साल की à¤à¤• बंगाली à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ की मौत हारà¥à¤Ÿ अटैक (heart attack) से हो गई है. इसके बाद सोशल मीडिया पर कई à¤à¤¸à¥‡ वीडियो सामने आठजिनमें किसी की चलते-चलते मौत हो गई तो किसी की मौत जिम में वरà¥à¤•आउट करते हो गई. कम उमà¥à¤° में हारà¥à¤Ÿ अटैक के बढ़ते मामले के कारण पूरे देश में डर का माहौल है. किसी को सीने में हलà¥à¤•ा सा दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हà¥à¤† तो लोगों को चिंता हो जाती है. यह बात साफ है कि सीने में सà¤à¥€ तरह के दरà¥à¤¦ हारà¥à¤Ÿ अटैक नहीं हो सकते लेकिन डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की सलाह है कि अगर सीने में दरà¥à¤¦ हो तो हर हाल में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से दिखाना चाहिà¤. ईसीजी से पता चलेगा कि सीने का दरà¥à¤¦ हारà¥à¤Ÿ अटैक या दिल से संबंधित है या नहीं. यह चिंता इसलिठà¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अकà¥à¤¸à¤° देखा गया है कि अचानक सीने में दरà¥à¤¦ उठा और मरीज बेहोश होकर गिर गया. कà¥à¤› मामलों में मरीज की वहीं मौत हो जाती है. इसलिठयह जानना जरूरी है कि सीने का कौन सा दरà¥à¤¦ हारà¥à¤Ÿ अटैक का है और कौन सा दरà¥à¤¦ à¤à¤‚जाइना का.
कैसे पता करें कि यह हारà¥à¤Ÿ अटैक का दरà¥à¤¦ है
फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² शालीमार बाग, नई दिलà¥à¤²à¥€ में वरिषà¥à¤ करà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ और इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¿à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ डॉ नितà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤‚द तà¥à¤°à¤¿à¤ªà¤¾à¤ ी कहते हैं, “अगर किसी वजह से सीने में à¤à¤‚जाइना है तो यह बैठने से ठीक हो जाता है, खड़े होने पर या चलने पर यह बढ़ जाता है. इसके अलावा खाना खाके या कोलà¥à¤¡ वेदर में चलने से à¤à¥€ यह दरà¥à¤¦ बढ़ जाता है. बैठने से या आराम करने से यह दरà¥à¤¦ ठीक हो जाता है लेकिन हारà¥à¤Ÿ अटैक में लगातार दरà¥à¤¦ होता है और यह आधे घंटे से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक रह सकता है. कà¥à¤› लोगों को जबड़े में दरà¥à¤¦ होता है तो कà¥à¤› लोगों को हाथ में दरà¥à¤¦ होता है. हारà¥à¤Ÿ अटैक के बाद अलग-अलग लोगों में अलग-अलग तरह के लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं. यहां तक कि कà¥à¤› लोगों को पेट के उपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ हो सकता है. उसे à¤à¤¸à¤¾ लगता है कि यह गैस का दरà¥à¤¦ है लेकिन हारà¥à¤Ÿ अटैक वाले दरà¥à¤¦ में देर तक दरà¥à¤¦ करना सबसे पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£ है.†डॉ नितà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤‚द तà¥à¤°à¤¿à¤ªà¤¾à¤ ी ने बताया कि कà¥à¤› लोगों दरà¥à¤¦ नहीं à¤à¥€ हो सकता है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सांस फूलता है या लगता है कि बà¥à¤²à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग यानी पेट में गैस à¤à¤° गई है. इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ हारà¥à¤Ÿ अटैक आ सकता है. इसलिठकिसी à¤à¥€ तरह का दरà¥à¤¦ हो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ईसीजी, कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² लेवल, टीà¤à¤®à¤Ÿà¥€ कराना चाहिà¤. अगर ईसीजी से पता नहीं चलता है तो अनà¥à¤¯ टेसà¥à¤Ÿ कराठजाते हैं.
शà¥à¤—र, बीपी के मरीजों को दिकà¥à¤•त
जो लोग डायबेटिक हैं, सà¥à¤®à¥‹à¤•र हैं जिनका बीपी बढ़ा हà¥à¤† है, उनमें हारà¥à¤Ÿ अटैक का खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है. उनमें à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ हो सकता है कि à¤à¤Ÿà¤¿à¤ªà¤¿à¤•ल चेसà¥à¤Ÿ पेन हो. यानी सामानà¥à¤¯ दरà¥à¤¦ से अलग तरह का दरà¥à¤¦ हो. इसमें मरीज को हो सकता है कि बैठे-बैठे दरà¥à¤¦ उठजाठया खाना खाने के बाद थोड़ा दरà¥à¤¦ हो. à¤à¤¸à¥‡ लोगों को ईसीजी, इको और टीà¤à¤®à¤Ÿà¥€ कराना चाहिà¤. इससे पता चलेगा कि हारà¥à¤Ÿ अटैक हà¥à¤† या नहीं या आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€ में बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज है तो कितना है. अगर मरीज को हारà¥à¤Ÿ अटैक हà¥à¤† और धीरे-धीरे सही हो गया लेकिन वह डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास नहीं गया तो बीमारी कम नहीं होती बलà¥à¤•ि उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¤¸à¥‡ मरीजों में सडेन डेथ की आशंका जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाती है. यह किसी à¤à¥€ मरीज के साथ हो सकता है. इसलिठछाती में लगातार दरà¥à¤¦ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास अवशà¥à¤¯ जाना चाहिà¤.
हारà¥à¤Ÿ अटैक में अचानक मौत की कà¥à¤¯à¤¾ वजह है
डॉ नितà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤‚द तà¥à¤°à¤¿à¤ªà¤¾à¤ ी ने कहा कि हारà¥à¤Ÿ अटैक में अचानक मौत की सबसे बड़ी वजह à¤à¤°à¤¿à¤¥à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (sudden arrhythmia)हैं. जैसे जिम में किसी की अचानक मौत हो गई, अचानक चलते-चलते मौत हो गई या बैठहà¥à¤ ही मौत हो गई तो इन सबका कारण à¤à¤°à¤¿à¤¥à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ है. इसमें सडेन डेथ का जोखिम बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाता है. जैसे ही हारà¥à¤Ÿ अटैक होता है, हारà¥à¤Ÿ में जाने वाली कोरोनरी आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€ बà¥à¤²à¥‰à¤• हो जाती है और जहां पर बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज है वह हिसà¥à¤¸à¤¾ डैमेज हो जाता है. इससे सडेन डेथ का खतरा कई गà¥à¤¨à¤¾ बढ़ जाता है. डॉ तà¥à¤°à¤¿à¤ªà¤¾à¤ ी ने बताया कि अगर किसी को हारà¥à¤Ÿ अटैक हà¥à¤† हो और इसका पता न चला हो तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उसके बचने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है लेकिन कà¥à¤› मामलों में अगर हारà¥à¤Ÿ अटैक का पता नहीं चला. यानी दरà¥à¤¦ के बगैर हारà¥à¤Ÿ अटैक आ गया तो उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सडेन कारà¥à¤¡à¤¿à¤à¤• डेथ का खतरा रहता है. à¤à¤¸à¥‡ लोगों में दो-चार दिन के अंदर ही मौत हो जाती है.
हारà¥à¤Ÿ अटैक के बाद कà¥à¤¯à¤¾ होता है
जैसे ही हारà¥à¤Ÿ अटैक होता है, हारà¥à¤Ÿ में जाने वाली कोरोनरी आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€ बà¥à¤²à¥‰à¤• हो जाती है. कोरोनरी आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€ से ही खून हारà¥à¤Ÿ में पहà¥à¤‚चता है जहां से खून शà¥à¤¦à¥à¤§ होकर ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ के साथ पूरे शरीर में पहà¥à¤‚चाया जाता है. इससे हारà¥à¤Ÿ सही तरह से अपना फंकà¥à¤¶à¤¨ नहीं कर पाता है. अगर नसों में बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज को नहीं हटाया गया तो हारà¥à¤Ÿ का वह हिसà¥à¤¸à¤¾ जहां बà¥à¤²à¤¡ सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ रूका हà¥à¤† है, वह डैमेज हो जाता है. इससे हारà¥à¤Ÿ फेलà¥à¤¯à¥‹à¤° हो जाता है. अगर इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वीटीवीà¤à¤« हà¥à¤† तो मरीज में सडेन कारà¥à¤¡à¤¿à¤à¤• अरेसà¥à¤Ÿ होगा और मरीज की ततà¥à¤•ाल मौत हो जाà¤à¤—ी. अगर इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मरीज को असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² लाया जाता है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° उसे शॉक देते हैं. इसके बाद रिवरà¥à¤Ÿ करते हैं.
हारà¥à¤Ÿ अटैक से कैसे बचें
चेसà¥à¤Ÿ में पेन हो रहा है या आपको पता नहीं है कि कà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤† लेकिन सीने में असहजता लगातार महसूस हो तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚. डॉकà¥à¤Ÿà¤° ईसीजी टेसà¥à¤Ÿ के आधार पर आगे की सलाह देंगे. आमतौर पर हारà¥à¤Ÿ अटैक के लकà¥à¤·à¤£ पहले से नहीं दिखते हैं लेकिन कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤¸à¥‡ हैं जो हारà¥à¤Ÿ अटैक का संकेत दे सकते हैं. जैसे-
महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ लकà¥à¤·à¤£
गरà¥à¤¦à¤¨, जबड़ा, पीठऔर बाà¤à¤‚ हाथ के नीचे में दरà¥à¤¦ होना.
बेचैनी और घबराहट.
सांस फूलना.
चकà¥à¤•र आना.
ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की कमी के ये हैं लकà¥à¤·à¤£
महिला-पà¥à¤°à¥à¤· में अलग-अलग लकà¥à¤·à¤£
टà¥à¤µà¤¿à¤Ÿà¤° पर डॉ दीकà¥à¤·à¤¾ शà¥à¤°à¥€ बताती हैं कि हारà¥à¤Ÿ अटैक के सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ महिला और पà¥à¤°à¥à¤· में अलग-अलग हो सकते हैं. पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में महिलाओं को छाती में दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ कम होता है. इसके बजाय महिलाओं में अनà¥à¤¯ तरह के लकà¥à¤·à¤£ देखे गठहैं. अधिकांश महिलाओं में हारà¥à¤Ÿ अटैक से पहले छाती में दरà¥à¤¦ तो नहीं होता लेकिन उसमें बहà¥à¤¤ अधिक थकान, बहà¥à¤¤ अधिक कमजोरी, मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€, हारà¥à¤Ÿ बरà¥à¤¨ और हाथों से पसीना आने की शिकायत हो सकती है.
हारà¥à¤Ÿ अटैक से बचना है तो इन चीजों को जीवन से निकालें-
गतिहीन जीवनशैली.
अनहेलà¥à¤¦à¥€ डाइट.
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤².
शराब का सेवन.
मोटापा.
डायबिटीज.
सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग.
कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का बढ़ना.
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤®à¤¿à¤¨à¤¾ बूसà¥à¤Ÿ करने के लिठसपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट.
हाई बीपी.
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